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पहली बार सेक्स के लिए कुछ सुझाव 

परम्परागत रूप से इस का अर्थ हे – शादी के बाद अपने जीवन साथी से पहला सेक्स , परंतु अब समय बदल गया हे। आम तौर पर शादी की औसत उम्र पहले से ज़्यादा हे और कैरीअर के चलते युवा अकेले रहते हे। शादी से पहले सेक्स एक आम बात होती जा रही हे इसलिए यदि आप पहली बार अपने जीवन साथी से सेक्स करने वाले हे तो कुछ सुझाव हे –

1- पहले सेक्स में कितना कष्ट होगा – दर्द बर्दाश्त करने की क्षमता हर इंसान में अलग अलग होती हे । कई लड़कियों को ज़्यादा दर्द महसूस नहीं होता और अन्य को बहुत ज़्यादा। आप को ये सोचना हे कि सेक्स गृहस्थ जीवन की नींव हे और रिलैक्स रहने की कोशिश करनी हे ।

2- क्या सुहागरात को ही सेक्स करना अनिवार्य हे – बिलकुल नहीं । परंतु इस रात को सेक्स करने का एक अलग रोमांच होता हे । आप यदि अत्यंत थके हे तो कोई बात नहीं और आप अपनी नींद पूरी कर लें। सम्भवत ऐसी अवस्था में पुरुष का लिंग सहवास के लिए तैयार नहीं हो पाएगा ।

3- क्या पहले हमें एक दूसरे को समझना चाहिए , फिर सेक्स करे– इसका कोई एक जवाब नहीं हो सकता परंतु समझते समझते कभी गाड़ी न छूट जाए, मुझे ये आशंका ज़रूर रहती हे । असल में एक दूसरे को समझना एक धीमी सतत् क्रिया हे । अनेक बार मैंने देखा हे कि सेक्स को बाद के लिए टालने से वैवाहिक संबंधो में तनाव आ जाता हे इसलिए मेरी राय में सेक्स को टालना नहीं चाहिए और शादी के बाद अधिकतम एक सप्ताह के भीतर कर लेना चाहिए । यदि ऐसा न हो तो प्रशिक्षित सेकसोलोजिस्ट से परामर्श करें।

4- क्या ये सेक्स वैसा होगा जो मैंने हिंदी मूवीज़ में देखा हे – नहीं, ऐसा बिलकुल नहीं । फ़िल्मी बातें असल ज़िन्दगी में सच नहीं होती । हिंदी मूवीज़ में रोमांटिक और इराटिक सीन दिखाते हे पर असल ज़िंदगी में सेक्स में कई प्राब्लम्ज़ आ सकती हे । आप कोई लूबरीकेटं यूज़ कर सकते हे । थोड़ी ब्लीडिंग सामान्य हे परंतु ज़्यादा होने लगे तो डॉक्टर को दिखाने में संकोच नहीं करना चाहिए।

5- यदि अपने पार्ट्नर को संतुष्ट नहीं किया तो क्या होगा- कुछ नहीं होगा । आप दोनों को समझना होगा कि संतोषजनक सेक्स के लिए शरीर और दिमाग़ रिलैक्स होना चाहिए। अनेक मामलों में ये आप दोनों का पहला सेक्स हे तो पहली बार में ही पर्फ़ेक्शन तो आ नहीं सकती । इसलिए अच्छा हो आप सुहागरात के लिए अपनी उम्मीदों को बहुत ज़्यादा न रखे – व्यावहारिक रहने में ही भलाई हे । संतुष्ट करने के सारी उम्र हे – चिंता की क्या बात हे ।

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आज के युग में इंटर्नेट और विमिन लिबरेशन की इतनी चर्चा के बावजूद भी विमेन सेक्शूऐलिटी की जानकारी अत्यंत नगण्य हे। अधिकांश महिलायें सेक्स को संतानोत्पत्ति का ज़रिया या पुरुष की शारीरिक ज़रूरत मानती हे । हाल के वर्षों में ज़रूर धीरे धीरे कुछ महिलाओं में जागृति आ रही हे और सेक्स को एक आवश्यकता माना जाने लगा हे। फिर भी पिछले वर्षों में बीस हज़ार से अधिक पुरुषों के मुक़ाबले मेरे पास तीन या चार ऐसे मामले आए जहाँ महिला को पूर्ण संतुष्टि ना हो रही हो । ऐसे मामले डॉक्टर के पास नहीं आते क्योंकि शायद भारतीय महिलाएँ ऐसा करके अपने पति को कष्ट नहीं देना चाहती । हाँ, अनेक युवा बताते हे कि यदि गर्ल फ़्रेंड संतुष्ट न हो तो वो डम्प करते देर नहीं लगाती।

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महिलाओं के ऑर्गैज़म के बारे में ढेरों भ्रांतियाँ हे। हाल में मेरे पास एक सज्जन आए जिनकी प्रॉब्लम थी कि उनकी वाइफ़ अच्छे से डिस्चार्ज नहीं होतीं इसलिए उसे संतुष्टि नहीं हो रही । उनके ख़्याल से महिलाओं में भी पुरुषों की तरह ही डिस्चार्ज होता हे, उन्ही की तरह वीर्य जैसा कोई द्रव्य निकलता हे जिसको उनमें से किसी ने नहीं देखा । इसलिए उन्हें लगा कि कोई प्रॉब्लम हे । ये सच नहीं हे। ऑर्गैज़म के समय महिलाओं को योनि में थोड़ा सा गीलापन महसूस होता हे, पुरुषों की तरह का कोई द्रव्य बाहर नहीं निकलता । हाँ, आनंद अनुभव और शरीर में झटके पुरुषों की तरह हो सकते हे।
जैसा मैंने पहले कहा, ऑर्गैज़म की जानकारी उन महिलाओं में नहीं होती जिन्होंने कभी हस्तमैथुन ( Masturbation) न किया हो और शादी के बाद पुरुष साथी को शीघ्र पतन की समस्या हो ।
इसे ठीक अनुभव करने के लिए सेक्स के समय स्त्री के संवेदनशील अँगो में उचित तथा पर्याप्त उत्तेजना होनी आवश्यक हे । आम धारणा के विपरीत पेनोवैजिनल सेक्स से सही और आवश्यक संवेदना का संचार नहीं हो पाता इसलिए एक साथ कई स्थानों पर स्टिम्युलेशन ज़रूरी हे। सामान्य वैजिनल सेक्स के दौरान स्त्री का क्लिटोरिस रगड़ नहीं खाता इसलिए अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता होती हे।

जी स्पाट ( G Spot) – स्त्री की योनि के सामने की दीवार में बाहर से क़रीब 2.5-3 इंच अंदर एक जगह को G स्पॉट कहते हे। माना जाता हे कि महिलाओं की योनि का ये हिस्सा सबसे ज़्यादा संवेदनशील होता हे । कई महिलाओं में ये हिस्सा ज़्यादा विकसित होता हे , अन्य में कम । इसीलिए कई बार एक सर्जिकल क्रिया से इसे ज़्यादा विकसित किया जा सकता हे जिसे G – Shot कहते हे । इसके लिए भर्ती होने की ज़रूरत नहीं होती और उसी दिन वापिस जा सकते हे ।

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कारण –
1- सेक्स की जानकारी का अभाव
2- अपने साथी को पसंद न करे तो कामोत्तेजना न होने के साथ साथ चरमोत्कर्ष भी नहीं होगा ।
3- अत्यधिक थकान के कारण
4- ऐंज़ाइयटी या डिप्रेशन की बीमारी
5- मधुमेह या थाइरॉड के कारण
6- अनेक दवाओं के साइड इफ़ेक्ट के कारण
7- योनि में संक्रमण होने से

उपचार-
जिस समस्या के कई कारण हो सकते हे, उसका एक उपचार हो ही नहीं सकता । इसलिए पूरी हिस्ट्री और जाँच करनी ज़रूरी हे । आमतौर पर रेज़ल्ट्स बहुत अच्छे होते हे ।

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लगभग सभी आयु की महिलाओं को सेक्स समस्या हो सकती हे । इनमे सबसे ज़्यादा मामले सेक्स इच्छा की कमी तथा कामोत्तेजना न होने से योनि में उपयुक्त गीला न होनेके होते हे। चरमोत्कर्ष यानी क्लाइमैक्सन हो पाना तो अत्यंत कॉमन हे । बड़ी संख्या में महिलाओं में आयु बढ़ने के साथ सेक्स समस्या होने की सम्भावना बढ़ती जाती हे और रजोनिवृत्ति के बाद सबसे अधिक होती हे। इनके अतिरिक्त गर्भ धारण तथा प्रसव भी सेक्स लाइफ़ पर प्रभाव डालते हे।

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सेक्स समस्या के मुख्य कारण हे – 
– डिप्रेशन या अवसाद – सबसे ज़्यादा बार यही मुख्य कारण होता हे। इस से कामेच्छा और कामोत्तेजना दोनो पर विपरीत प्रभाव होता हे। डिप्रेशन के कारण जीवन से हर प्रकार की ख़ुशी का अहसास समाप्त हुआ सा जान पड़ता हे
– काम के बोझ से थकावट
– हॉर्मोन प्रोलैक्टिन की अधिकता या टेस्टास्टरोन की कमी
– संबंधो में तनाव
– पार्ट्नर के शरीर की दुर्गन्ध जैसे प्राइवट पार्ट या शरीर के किसी हिस्से की दुर्गन्ध आपका मूड ऑफ़ करने के लिए पर्याप्त होती हे।
– योनि में सूजन जिस से सेक्स एक सज़ा की तरह लगता हे
– रक्त की कमी
– मधुमेह , हाई बी॰पी॰ या मोटापे से यौन अँगो में रक्त संचार की कमी
– सेक्स के बारे में ग़लत धारणा

उपचार- 
जैसा ऊपर बताया गया हे कि सेक्स समस्या अनेक कारणो से हो सकती हे इसलिए किसी भी समस्या के उपचार के लिए ये जानना ज़रूरी होगा कि इसके लिए क्या क्या सम्भावित कारण ज़िम्मेदार हो सकते हे। अक्सर एक केस में एक से ज़्यादा कारण प्रॉब्लम के लिए ज़िम्मेदार होते हे जैसे कामेच्छा की कमी के लिए एक केस में मोटापा, आत्मविश्वास की कमी, डिप्रेशन और सेक्स के प्रति भ्रांति ज़िम्मेदार थी।

उस महिला को ये लगता था कि वो उसका पति उसके लायक नहीं हे क्योंकि वो उस से पहले डिस्चार्ज हो जाता था। एक अन्य केस में महिला को शारीरिक डिस्चार्ज जैसे राल , वीर्य , उसकी योनि से निकलने वाले सामान्य डिस्चार्ज और आँख के आँसू से बहुत नफ़रत थी। राल से घृणा के कारण कभी किस नहीं करती थी और सेक्स करने से पूरी तरह बचती थी। यदि कभी सम्भोग हो गया तो पूरा यत्न करती थी कि निरोध का इस्तेमाल हो ताकि वीर्य उसके शरीर को छू न सके । फिर भी सेक्स के बाद कई बार अपने प्राइवट पार्ट को पानी से धोती थी ।
ऐसे केस में ये OCD की बीमारी हे जिसे आप धीरे धीरे उचित दवाओं , काउन्सलिंग और सेक्स थेरपी से ठीक कर सकते हे।
कभी भी सब के सामने अपने पार्ट्नर की इस समस्या का बखान न करे । अपने पार्ट्नर की समस्या को समझने की कोशिश करे और उसे इस समस्या से निकलने में सहायता करे।

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Stress is the state of worrying continuously about something real or imaginary future problems . Everyone has to worry about things he/ she needs to do . In fact it help us to perform better but excessive worry disturbs the internal homeostatic environment of the body. If it continues for a considerable period of time ( a few days for some or a few months for others), the changes produced by stress hormones like cortisol become permanent . Now even if the stress factor is resolved, body continues to be in a compromised state and experience after effects of stress .

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It could be due to a negative life event like real or fearfulness of loss of job, legal problems, marital discord or death of someone close to you. If you are suffering from Anxiety Disorder, OCD, Depression or abuse alcohol or Tobacco, have poor friend circle – the effect is more profound and long lasting
Effect on body –
Continuous flow of cortisol causes raised Blood Pressure, narrowing of blood vessels , and contraction of smooth muscles resulting in body pains, tiredness, and High BP . It has effect on mood which causes irritability and low desire for pleasure.
Effects on sex life- 

A 42 yr old gentleman came with low sex desire , occasional difficulty in erection and very quick discharge since last 1.5 years . He had to face legal problems during his service time 8 years back but were now settled after he took voluntary retirement . Though these problems were now settled, the effect was still persisting as disturbed sleep, worry about his present business and tiredness . He was doing pretty well after retirement still was never at peace with himself.
For last 1.5 years, they had sex once in month or even less . It was usually initiated by his wife , often there was delayed and less than desired erection and a very quick finish . He would lose some hardness before discharge He reported to experience thoughts related to his past legal problem while he was having sex . It resulted in loss of hardness and fast ejaculation sometimes Here his legal problem were almost settled but the stress was still causing problems in sex life .
Sex problems due to stress- 

1- Loss of Libido– Loss of ability to feel pleasure will result in loss of libido . It results in avoiding sex which further worsens the situation .
2- Erection problems or inability to lubrication- There are problems in focussing on sexual sensations and too much diversions to past or present anxiety provoking scenarios . Males have a tendency to lose hardness , triggering panic causing total loss of hardness . Poor hardness or ED is due to contraction of small arteries of penis , resulting in less blood flow to penis hence less hardness . Same happens in females, though they can continue the sex but dryness results in pain and disinterest for sex.
3- Stress causes irritability which is bad for appropriate communication and intimacy.
4- Tiredness causes reduced Desire.

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Everyone is taught from childhood to bathe daily , change clothes and brush teeth daily for keeping a good health. Keeping hygiene prevents infection, removes bad smell and make you look presentable in society . This is very important socially because no one will like to remain close to a person giving bad smell .

Similarly there are a few things you can do to keep a good hygiene for a better sex life

1- Clean your genitals regularly – While taking bath, Males should pull back the skin on penis gently and wash with plain warm water to remove smegma . No need for routine use of antiseptics . Similarly females should gently wash the outer genitals with soap and water and pat dry them with soft towel . Don’t rub it vigorously to clean otherwise the soft skin in this area may be damaged.

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2- Shave your pubic area periodically– Long pubic hairs will have more chances to retain moisture from sweat , leading to itching due to fungal infection . You can shave them off completely every fortnight or at least trim periodically ( As per your preference during sex) but make sure you allow sufficient air to pass in pubic area.

3- Don’t use vaginal douches – Some females use chemicals with strong fragrance for pleasant smell from vagina . This is not advisable because it will disturb the normal pH of vagina and destroy protective bacteria . You can use plain water not more than once a day.

4- Use cotton undergarments – Cotton is the best fabric to use for undergarments . They suit the soft skin of genitals . They allow sufficient air to pass and allow the sweat to dry . Synthetic material will not let the sweat to dry and cause rashes . The size should be appropriate , too tight under wears should be avoided.

5- Washing of genitalia after sex – It is not a must to wash your vagina after sex because semen is a sterile body fluid. Some may feel uncomfortable with the smell or the feel of semen . They can wash it with small quantity of plain Luke warm water but no strong antiseptic solution should be used .

6- Changing Napkins during periods – it is extremely important to change your napkin every 4-6 Hours depending on the flow of blood . You can check it and if it is soaked, you can change but if not soaked yet, may be you can wait . Keeping a fully soaked napkin will make you vulnerable to infections causing problems in married life or conception later on.

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व्यागरा / नपुंसकता के इलाज की दवाई

वर्ष 1998 की शुरुआत दवा की बड़ी कम्पनी फ़ाइज़र के लिए भी एक और नए साल की तरह थी। इसकी रीसर्च लैब में वेज्ञानिक ऐसी दवा पर काम कर रहे थे जिस से रक्तचाप कम हो सके । दवा के प्रभाव से रक्त की धमनियाँ फैल जाती थी और रक्त चाप कम हो रहा था । संयोग से ये सामने आया कि इस से पीनस भी कड़क हो जाता हे। जब इसे नामपुंसकता के रोगी को दिया गया तो चमत्कार हो गया। पहली बार दवा खाने से नपुंसकता के रोगी को फ़ायदा हुआ। इससे पहले ऐसे रोगीयो के लिए पीनस में इंजेक्शन लेने का ही विकल्प था जिससे कई बार परेशानी हो जाती थी । 27 मार्च को एफ़॰डी॰ए॰ ने भी इस नई दवा वीयग्रा को नपुंसकता के इलाज के लिए मंज़ूरी दे दी । अब तो दुनिया के हर सेक्स रोगी के लिए वीयग्रा एक रामबाण की तरह प्रयोग होने लगी और अब भी इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं हुई हे।

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इसे कैसे प्रयोग करना चाहिए- अधिकतर मामलों में सेक्स के क़रीब एक घंटे पहले ख़ाली पेट लेना चाहिए । इसे लेने के बाद आपको सामान्य प्रकार से सहवास करना चाहिए ।
यदि आप ह्रदय रोगी हे और नाइट्रेट नाम की दवा ले रहे हे तो इसे नहीं लेना चाहिए । बाक़ी दवाओं के साथ इसे लिया जा सकता हे। इसकी मात्रा के बारे में सावधान रहे , अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सेवन करे।
क्या ये वास्तव में राम बाण दवा हे- जी नहीं , ये केवल 60% मरीज़ों को ही फ़ायदा देती हे, बाक़ी लोगों को कोई फ़ायदा नहीं होता। ऐसा होने पर आप को निराश नहींहोनाचाहिए क्योंकि विशेषज्ञ डॉक्टर के पास ऐसे कई तरीक़े होते हे जिससे ये दवा फ़ायदा करने लग जाएगी।
साइड इफ़ेक्ट- सिर दर्द, पीठ दर्द, निगाह में नीली रोशनी का प्रभाव , पेट में ज़्यादा तेज़ाब और गैस, बेचैनी , घबराहट, चक्कर आना , नींद कम होना आदि।
क्या इसकी आदत हो सकती हे- कमज़ोर इच्छाशक्ति वाले लोग असफलता के डर से आवश्यकता न होने पर भी इसे लगातार इस्तेमाल करते हे । अन्यथा ऐसी कोई बात नहीं होती।
केवल आनंद के लिए या केमिस्ट के कहने से भी इसके प्रयोग से बचना चाहिए ।
कुछ लोग एक बार में ही अधिक असर के लालच में या असफलता के भय से दो से तीन गुणा मात्रा का इस्तेमाल कर लेते हे । ऐसा करना प्राणघातक हो सकता हे।शराब के साथ लेने से कुछ लोगों में बीपी कम हो सकता हे ।

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जब मैं आठवीं कक्षा में पढ़ता था तो मेरे मित्र ने मुझे हस्त मैथुन करना सिखाते हुए बताया था कि इसे कभी कभी ही करना चाहिए क्योंकि ज़्यादा करने से कमज़ोरी आ जाती हे । मैंने इसे गम्भीरता से नहीं लिया और मुझे इस का कोई पछतावा नहीं हे । इतने वर्षों बाद आज जब मेरे पास अनेकों मरीज़ पूरे विश्वास से बताते हे कि उनकी सभी समस्याएँ हस्त मैथुन जैसी ग़लत आदत के कारण हुई हे तो मुझे लगता हे कि हमारी सारी पड़ाई और वेज्ञानिक सोच व्यर्थ हो गयी। सेक्स समस्या , मानसिक समस्या और शारीरिक समस्या आदि आदि सभी का कारण हस्त मैथुन और नींद में वीर्य डिस्चार्ज को माना जाता हे । गोयाकि इस मामूली से शरीर के स्राव वीर्य को एक सम्पूर्ण शक्ति स्रोत बना दिया गया हे जिसके निकलने से बर्बादी हो जाती हे। मैंने अनेक विज्ञापन भी देखे जिनका शीर्षक होता हे ” बचपन की ग़लतियाँ ”

यानि हस्त मैथुन को बचपन की ग़लतियाँ बता कर अनेक लोग सेक्स के बारे में गम्भीर भ्रांति फैला रहे हे । इसे तुरंत रोके जाने की आवश्यकता हे ।

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क्या ये विचार कि हस्त मैथुन से अनेक बीमारियाँ हो जाती हे- हमारे देश के किसी वेज्ञानिक इलाज की पद्धति जैसे आयुर्वेद या अन्य देसी इलाज पद्धति की देन हे ? आप को पता होगा कि सेक्स के लिए सदा ही हमारा दृष्टिकोण बहुत स्वस्थ रहा हे जैसा कि आज से सदियों पहले अजंता अलौरा की मूर्तियों तथा कामसूत्र जैसे अमूल्य ग्रंथ से पता चलता हे। हमारे समाज में “काम” को धर्म एवं अर्थ की तरह जीवन की मूल भूत आवश्यकता माना गया हे। जबकि पश्चिम का सेक्स के प्रति दक़ियानूसी रवैया जग ज़ाहिर है।

असल में इस सारे गड़बड़ झाले की शुरुआत 1712 में युरोप के एक अनजान पोर्नोग्राफेर एवं झोला छाप डॉक्टर जान मार्टिन के एक लेख से हुई जिसे ओननीय के नाम से पुकारा गया। इसमें बताया गया कि वीर्य इंसान की शक्ति का स्रोत होता हे इसलिए हाथ से वीर्य निकालने के अति गम्भीर परिणाम होते हे। ऐसा करने से आप दूषित हो जाते हे और अनेकों अनेक शारीरिक , मानसिक एवं सेक्शूअल बीमारी हो जाती हे। इस लेख को आधार बना कर समाज के लोगों की रक्षा हेतु हस्तमैथुन के ख़िलाफ़ आंदोलन चला जिसमें लोगों के प्राइवट पार्ट पे अजीब प्रकार का ताला भी लगा दिया जाता था जिससे वह हस्त मैथुन न कर सके। फिर बाद में कई अन्य सामयिक डाक्टर्ज़ ने भी इसी का समर्थन किया और उन्निसवी शताब्दी के अंत तक पूरे यूरोप में यही धारणा बनी रही।

हमारे देश को दासता की बेड़ियों ने जकड़ रखा था जिससे हम अपनी असल सोच भूले हुए थे । हमारे लिए भी सेक्स शब्द के साथ ” गंदा” एवं वीर्य डिस्चार्ज से कमज़ोरी जैसे शब्द जुड़ गए और अब भी हम ऐसा ही मानते हे। ये बिलकुल ग़लत हे। सेक्स जीवन का एक ख़ूबसूरत एहसास हे और वीर्य शरीर का एक सामान्य सा द्रव्य । ये पूरे जीवन लगातार बनता रहेगा । यदि आपने सेक्स या हस्तमैथुन से वीर्य डिस्चार्ज कर दिया तो कोई ग़लत नहीं हुआ, वो फिर अपने आप बन जाएगा।

इसलिए कृपया याद रखे, हस्तमयथुन एक पूरी तरह सामान्य क्रिया हे जो एक अत्यंत आवश्यक सामाजिक कार्य भी करती हे। युवा अवस्था होने पर सेक्स करने की इच्छा एकदम बलवती हो जाती हे । हस्तमैथुन ऐसे में समाज को सेफ़्टी देता हे क्योंकि इस के अभाव में सेक्स जैसी नेसर्गिक इच्छा की पूर्ति के लिए लोग बलात्कार जैसे अपराध ज़्यादा करने लगेंगे इस लिए ये एक सुरक्षित सर्वथा उपलब्ध साधन हे ।

तो क्या ये पूरी तरह सामान्य क्रिया हे? ऐसा भी नहीं हे।

कई परिस्थितियों में ये एक समस्या बन जाता हे यदि

1- आप इसे एकांत में न करके सबके सामने करे। इसे Exihibitionism कहते हे और एक ग़ैर क़ानूनी गतिविधि हे। इस से आप पर आपराधिक मामला बन सकता हे।

2- आप सेक्स के आनंद के लिए अत्यधिक व्यग्र हो और अपनी अपेक्षित कर्तव्य और दूसरे कार्यों की उपेक्षा करे । ऐसे लोग हाइपर सेक्शूऐलिटी से पीड़ित होते हे। दिन में कई बार हस्तमैथुन करते हे और दूसरे तरीक़ों से सेक्स का पीछा करते हे ।

3- आप शादी के बाद उपयुक्त पार्ट्नर उपलब्ध होने के बावजूद इसे ही सेक्स पूर्ति का साधन बना ले। अपने जीवन साथी की उपेक्षा संबंधो में तनाव ला देती हे और सम्बंध विच्छेद होने में देर नहीं लगती।

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Pregnancy is a very important milestone in a woman’s life . With an increasing age of getting married , the anxiety to conceive has increased many fold in recently married couples. In fact, getting pregnant is a much higher priority than normal sexual pleasure in a large number of couples . There are a number of issues to be discussed in this regard-

Sex problems – If you are not able to visit our clinic, feeling shy or uncomfortable to meet us or need a second opinion in person, consult us online through phone, chat, email or Skype.

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Can sexual activity cause harm to pregnancy-

Contrary to popular belief, there is no clear scientific evidence to suggest so. Yet common sense will guide us to be careful in high risk pregnancies . The best is to avoid violent sex but continue with normal enjoyable sex life Avoid female on top if she feels tired and be gentle as breast may be tender . You can use lubricants if dryness is an issue . Many believe that continuing sex during pregnancy helps in bonding in the couple , reduces stress and improved self confidence in the female . There are fears of inducing labour due to prostaglandins in semen , especially near the term but again this is not proved.

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Can pregnancy harm sex life –

Yes, pregnancy has several negative effects on sex life

1- Desire for sex – It gets reduced as the pregnancy advances. The reasons are many like nausea and vomiting in first trimester , fear of harm to fetus , tenderness in breast or feeling disfigured , esp in last trimester . Second trimester shows almost same desire levels as before because emotionally, she is stable and fear of abortion is reduced somewhat.

2- Arousal– Anxiety , tiredness , pain in lower back due to unusual posture or low confidence due to fear of looking unattractive may result in reduced lubrication and painful sex

3- Orgasm– All the above factors and fear of harm to baby inhibits the woman to let herself go during sex so reaching climax becomes difficult.

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Effect of pregnancy on partner

This is completely forgotten aspect by the Gynecologist.I see a large number of cases who were advised to abstain completely from the time urine test is positive for pregnancy. It continued till delivery and 3-6 months after. Such a long gap for the sex starved individual resulted in extramarital sex, visits to sex workers and contracting diseases or develop pre mature Ejaculation or ED when they resume sex afterwards. People who are very sensitive or ill informed ( as most people are) may develop severe sexual dysfunctions when there is failure to perform as per their own expectations. This may be very crucial as often marital problems may erupt in this scenario

What to do

1- Don’t observe total abstinence. Intimacy is beneficial so is sex

2- Avoid positions like female on top all the time . Missionary should be avoided in last trimester . Best is rear entry or woman taking support from bed or kneeling down.

3- Use ample lubricant if there is dryness

4- Assure her that she looks as beautiful as before to keep her self esteem high.

 

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May I remind you that these are only suggestions. You can mould them as per your convenience. The idea is to make you comfortable as a sensual and sexual couple. Please do not try to prove anything to yourself or to your partner. Thoughts like

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Some people shy away from the idea of going to a therapist, especially one that wants to talk about sex, which is a particularly sensitive subject. However, I think sex therapy is a wonderful thing and it’s definitely needed in certain situations.

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