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Are men with anxiety disorders more likely to develop Erectile Dysfunction (ED)

क्या चिंता विकार वाले पुरुषों में स्तम्भन दोष या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ईडी) विकसित होने की संभावना अधिक होती है?

 

आईएसएसएम संचार समिति के चिकित्सा पेशेवरों द्वारा समीक्षित

हां, चिंता विकार वाले पुरुष इरेक्शन के साथ संघर्ष कर सकते हैं।

कई बार घबराहट होना आम बात है। हालांकि, एक चिंता विकार वाले व्यक्ति के लिए, ये भावनाएं रोजमर्रा की जिंदगी और रिश्तों में हस्तक्षेप करती हैं और संकट पैदा करती हैं। चिंता विकारों के कुछ उदाहरण हैं:

  • सामान्यीकृत चिंता विकार
  • सामाजिक चिंता विकार
  • घबराहट की समस्या
  • फोबिया से संबंधित विकार

पोस्ट ट्रॉमेटिक डिसऑर्डर या अभिघातजन्य तनाव विकार (PTSD) और ओबसेस्सिव कम्पलसिव डिसऑर्डर या जुनूनी-बाध्यकारी विकार (OCD) चिंता से सीधे संबंधित हैं। एंग्जाइटी डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों में डिप्रेशन होने का खतरा अधिक होता है।

स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के पीछे मनोवैज्ञानिक कारणों में निम्न कारण भी हो सकते हैं:

अवसाद - लंबे अरसे तक चलने वाली गहरे दुख की अनुभूति
बेचैनी- चिंता या डर जैसी परेशान कर देने वाली कोई अनुभूति

स्तंभन दोष के लिए मनोवैज्ञानिक और शारीरिक दोनों कारण जिम्मेदार होते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपको मधुमेह है तो आपके लिए उत्तेजित होना कठिन हो सकता है। इसकी वजह से आपको परेशानी और चिंता भी हो सकती है। मधुमेह और बेचैनी के मिलेजुले लक्षण आपके स्तंभन दोष का कारण बन सकता है।

ऐसे बहुत से भावुक मामले हैं जो आपकी शारीरिक क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं जिसकी वजह से स्तंभन बनाए रखने में दिक्कत हो सकती है। उदाहरण के लिए:

  • संबंधों में समस्यायें के बारे में खुलकर बात करने में परेशानी
  • यौन संबंधों की जानकारी की कमी
  • कोई पुरानी यौन समस्या
  • गुज़रे वक्त में यौन संबंधी दुर्व्यवहार
  • किसी नए संबंध में होना
  • कोई अन्य कारण

स्तंभन दोष के दूसरे संभव कारणों में अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन, अत्यधिक थकान होना या गैर कानूनी नशे जैसे कि भांग हीरोइन और कोकेन आदि का सेवन करना भी शामिल हो सकता है।

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इम्पोटेंस रिसर्च में प्रकाशित 2021 के एक पेपर में पाया गया कि चिंता विकार वाले पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ईडी) का खतरा अधिक था - सेक्स के लिए इरेक्शन को पर्याप्त रूप से प्राप्त करने और रखने में असमर्थता।

लेखकों ने कहा कि चिंता विकार वाले पुरुषों में स्थंभन दोष/इरेक्टाइल डिस्फंक्शन  (ईडी) भी अधिक गंभीर हो सकता है।

(विशेष रूप से, अध्ययन ने पीटीएसडी, ओसीडी, सामाजिक भय / सामाजिक चिंता विकार और घबराहट से उत्पन्न विकार वाले पुरुषों की जांच की।)

चिंता और स्तंभन दोष (ईडी) के बीच संबंध को कभी-कभी एक दुष्चक्र के रूप में वर्णित किया जाता है। इरेक्शन या यौन प्रदर्शन के अन्य पहलुओं के बारे में चिंता इस हद तक विचलित करने वाली हो जाती है कि एक आदमी सम्भोग के पलों में अंतरंगता के सुखों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकता है। यह व्याकुलता लिंग निर्माण को बनाए रखने में मुश्किल पैदा कर सकती है।

बदले में, यौन समस्याएं उसे कम मर्दाना महसूस करा सकती हैं या अपने साथी को खुश करने में एक असमर्थता का आभास करा सकती हैं। उसके आत्मसम्मान को ठेस पहुंच सकती है और उसे अपने रिश्ते को लेकर चिंता भी हो सकती है। ये भावनाएँ और भी अधिक चिंता का कारण बन सकती हैं।

चिंता विकार का इलाज करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवाइयां जैसे चयनात्मक सेरोटोनिन रयूपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई - एक प्रकार का एंटीडिप्रेसेंट) का भी यौन संबंधों पर दुष्प्रभाव हो सकता हैं।

कभी-कभी स्तंभन दोष केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही होता है। जैसे हस्तमैथुन के दौरान आप स्तंभन प्राप्त करने में समर्थ हो सकते हैं, अथवा कभी कभी आप सोकर उठने पर इरेक्शन पाते हैं लेकिन अपने यौन साथी के साथ इसे प्राप्त करने में असमर्थ होते हैं।इन परिस्थितियों में, यह संभव है कि स्तंभन दोष का मूल कारण मुख्यतः मनोवैज्ञानिक (तनाव से संबंधित) हो। लेकिन यदि आप किसी भी परिस्थिति में इरेक्शन प्राप्त करने में असमर्थ हैं तो इसका मूल कारण चाहे मनोवैज्ञानिक हो या शारीरिक हो, किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है।

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